बड़ा बनो, पर उसके सामने नहीं जिसने तुम्हें बड़ा किया है

खामोशी हल नहीं मसलों का,

गुफ़्तगू हर दरवाजे खोल देती है।

उसका अचानक जिन्दगी में आना एक दुआ थी,

और अचानक जाना एक हादसा।

लगाकर ताले सारे दिल के दरवाजे पर,

हमनें हर एक चाभी को ताला लगा दिया।

वो शख्स फिर वापस तो आया,

मगर फिर वो पास न आया।

बंधी हैं हाथ में सबके घड़ियाँ मगर,

पकड़ में किसी के एक लम्हा नहीं।

एक रूह है जिसको सुकून की तलाश है,

एक मिजाज़ है जिसको आवारगी की तलब है।

अपनी उंगलियों से वो आँखें मल रही है,

क्यूँ इतनी तेज तू हवा चल रही है।

धैर्य हमेशा आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा,

लगन आपको मंजिल तक अवश्य पहुंचाएगा।

मूल्यवान है ज़िन्दगी का हर लमहा,

इसे व्यतीत न करें बल्कि जी भर के जियें।

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