व्हाइट हाउस पहुंचना है तो छात्रों का दिल जीतो: बर्नी सैंडर्स

न्यूयॉर्क, 03 मार्च (उदयपुर किरण). अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के लिए युवाओं को अपने पक्ष में करो और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जुट जाओ. इसके लिए एक उम्मीदवार को कुछ भी करना पड़े तो कर दें. इससे व्हाइट हाउस तक पहुंचने का रास्ता काफ़ी कुछ आसान होने की गुंजाइश बनी रहती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ख़िलाफ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए संभावित एक दर्जन उम्मीदवारों में से एक वरमोंट से 77 वर्षीय निर्दलीय लेकिन समाजवादी विचारों से ओत-प्रोत सीनेटर बर्नी सैंडर्स भी कुछ इसी तरह की योजना बना कर चल रहे हैं.

वह पिछली बार 2016 के चुनाव में अपने समाजवादी विचारों के कारण युवाओं में ख़ासा जोश खरोश भरने के बावजूद हिलेरी क्लिंटन के मुक़ाबले पिछड़ गए थे. इस बार इस तेज़ तर्रार सीनेटर ने फिर वही रणनीति अपनाई. शनिवार को न्यूयॉर्क शहर के क़रीब ब्रुकलिन के एक कालेज से युवाओं का आह्वान करते हुए आर्थिक न्याय का बिगुल बजाते हुए औद्योगिक बेड़ियों को उखाड़ फेंकने की अपील के साथ विधिवत चुनाव प्रचार शुरू कर दिया. उन्होंने पहले ही झटके में युवाओं को कहा कि वह राष्ट्रपति बनते हैं तो कालेज में निशुल्क शिक्षा का बंदोबस्त करेंगे और मज़दूरी भत्ता सवा सात डालर प्रति घंटा की बजाय 15 डालर प्रति घंटा कर देंगे. उनका कहना है कि मेडिकेयर के लिए छात्रों को हताश होने की ज़रूरत नहीं है. वह सुलभ मेडिकेयर भी हर व्यक्ति की पहुंच में करने के लिए जी जान एक कर देंगे. उन्होंने रैली में छात्र-छात्राओं से कहा कि उन्होंने एक यहूदी इमीग्रेंट होते हुए कड़ी मेहनत से काम करते हुए एक जीवन जिया है, जो एक मिसाल है. सैंडर्स के इन विचारों को सुनने के लिए कालेज परिसर में छात्रों का सैलाब उमड़ पड़ा था. वह रविवार को शिकागो में छात्रों को संबोधित करेंगे.

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