वायुसेना को निर्देश था नागरिकों को न पहुंचे नुकसान: रक्षा विशेषज्ञ

नई दिल्ली, 26 फरवरी (उदयपुर किरण). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ हवाई कार्रवाई करने के बारे में भारतीय वायुसेना को निर्देश दिया था कि नागरिकों की जान-माल को कोई नुकसान न पहुंचे. वायुसेना से कहा गया था कि केवल आतंकवादियों और उनके अड्डों को निशाना बनाया जाए. वर्ष 1971 के 47 वर्ष बाद पहली बार भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी क्षेत्र में अंदर घुसकर वार किया है.

रक्षा विशेषज्ञ नितिन गोखले ने हवाई कार्रवाई के सिलसिले में अब तक मिली जानकारी की समीक्षा करते हुए कहा कि वायुसेना को यह भी निर्देश था कि पाकिस्तान की सेना और उसके प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाया जाए. भारत पड़ोसी देश को किसी प्रकार का दुस्साहसी कदम उठाने का बहाना नहीं देना चाहता था. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत के पास कुछ ही सप्ताहों का समय था. देश में आम चुनाव के कारण जवाबी कार्रवाई का टाइम टेबल बहुत सीमित था. 10 मार्च के आसपास चुनाव कार्यक्रम की घोषणा संभावित थी, इसलिए उनके पहले ही सरकार कोई कार्रवाई करना चाहती थी. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद किसी भी कार्रवाई को चुनावी राजनीति के चश्मे से देखा जाता. इसलिए प्रधानमंत्री चाहते थे कि इसके पहले ही आतंकवादियों को कड़ा सन्देश दिया जाए.

गोखले के अनुसार पुलवामा हमले के बाद संभावित भारतीय कार्रवाई की आशंका के कारण आतंकवादी पकिस्तान अधिकृत कश्मीर से हटकर पाकिस्तान के अंदुरुनी इलाकों में चले गए थे. जैश-ए-मोहम्मद ने भी अपने ठिकाने बदल दिए थे. ऐसे में भारतीय कार्रवाई के लिए निशाने उपग्रह सूचनाओं, जमीनी खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से हासिल किए गए. भारतीय एजेंसियों ने निशाने के रूप में खैबर पख्तूनख्वा स्थित बालाकोट को चिह्नित किया. यह भारतीय क्षेत्र से 80 किमी दूर था. खुफिया जानकारी के अनुसार यहां बड़ी संख्या में आतंकवादियों का जमावड़ा था. जैश प्रमुख मसूद अजहर का रिश्तेदार युसूफ अजहर इस अड्डे का सरगना था. भारतीय मिराज-2000 युद्धक विमानों ने ग्वालियर वायुसेना अड्डे से उड़ान भरी और पूरी कार्रवाई भोर मे 3 बजकर 45 मिनट से लेकर करीब 4 बजे तक चली. सुखोई-30 युद्धक विमान और आकाश में ईंधन भर सकने की सुविधा वाले विमान इनकी मदद के लिए हवा में थे.

गोखले का मानना है कि पाकिस्तान के हुक्मरान धमकी भले ही दें लेकिन भारत के खिलाफ किसी तरह की जवाबी कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं हैं. पड़ोसी देश आर्थिक बदहाली का शिकार है और वह बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई का माद्दा नहीं रखता. रक्षा विशेषज्ञ ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान भारत के अंदर बम विस्फोट कराने जैसी आतंकवादी कार्रवाइयों को अंजाम दे सकता है. आगामी चुनावों के दौरान रैलियों को निशाना बनाया जा सकता है, इसके प्रति लोगों को सजग रहना होगा.

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