भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, दिल्ली समेत पांच राज्यों में रेड अलर्ट जारी

नई दिल्ली: झुलसाने वाली गर्मी और उत्तर भारत के कई स्थानों पर पारा 45 डिग्री के पार जाने के बाद मौसम विभाग ने रविवार को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान के लिए अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि इस दौरान पारा 47 डिग्री तक पहुंच सकता है। साथ ही इन राज्यों में शुक्रवार को बारिश से राहत की उम्मीद जताई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मालूम हो कि शनिवार को पिलानी का तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था।  

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि देश के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों में तापमान और ऊपर जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मौसम में पहली बार भीषण गर्मी के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस बार उत्तर और मध्य भारत में हालांकि तापमान उतनी तेजी से नहीं बढ़ा, जैसे आमतौर पर बढ़ता है। इसका कारण यह है कि अप्रैल से मध्य मई के दौरान अच्छी बारिश हुई है।

वहीं आईएमडी के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि उत्तरी-पश्चिमी सूखी हवाओं के कारण गर्मी प्रचंड रूप से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण थोड़ी बारिश होने के कारण इस गर्मी से 28 मई के बाद ही किसी राहत की उम्मीद है।

चूरू में 50 डिग्री तक जाता है तापमान 
मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में अगले तीन दिनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वहां तापमान 48 डिग्री तक जा सकता है। चूरू देश का ऐसा स्थान है जहां, तापमान में भारी अंतर देखा जाता है। वहां सर्दी में तापमान शून्य से नीचे चला जाता है, वहीं गर्मी में पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।

कब घोषित की जाती है लू की स्थिति?
लू की स्थिति तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस हो और सामान्य तापमान में वृद्धि 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक हो।

मैदानी क्षेत्रों के लिए लू की स्थिति तब होती है जब अधिकतम तापमान 45 डिग्री हो और भीषण लू उस वक्त चलती है जब यह 47 डिग्री या उससे अधिक हो। श्रीवास्तव ने कहा कि रेड अलर्ट लोगों को आगाह करने के लिए जारी किया गया है कि वे दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक घर से बाहर न निकलें, क्योंकि उस वक्त धूप की तपिश सबसे अधिक होती है।

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