पर्यटन से प्रगाढ़ होंगे अयोध्या-मिथिला के रिश्ते

गोरखपुर : नेपाल के प्रखंड पांच के पर्यटन मंत्री लीला गिरी ने नेपाल की तरफ से मित्र धर्म का निर्वहन भी बखूबी करने की प्रतिबद्ध जताई है। लीला गिरी त्रेता युग से जुड़े अयोध्या-मिथिला के रिश्तों को प्रगाढ़ कर नया आयाम देने में भी वह पर्यटन की भूमिका को अहम मानते हैं। राजनीतिक अस्थिरता से पैदा हुई अशांति खत्म होने के बाद दोनों राष्ट्रों के बीच खुली सीमाओं को लेकर भी वह बेफिक्र नजर आए। नेपाल में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रांत नंबर पांच के उद्योग, पर्यटन, वन एवं पर्यावरण मंत्री लीला गिरी लुम्बिनी में भ्रमण पर थे। दोनों राष्ट्रों के बीच मित्रता को प्रगाढ़ करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने भारतीयों को नेपाल आने का भी न्योता दिया। दैनिक जागरण से बातचीत में मंत्री लीला गिरी ने पर्यटन के विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। प्राकृतिक धरोहरों और रमणीक स्थलों से समृद्ध नेपाल राष्ट्र में पर्यटन का विकास न हो पाने की वजह कहीं राजनीतिक अस्थिरता तो नहीं? इस बात को बेबाकी से स्वीकार करते हुए पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब नेपाल में राजनीतिक हालात पूरी तरह स्थिर हैं। यही वजह है कि नेपाल अब प्रगति की राह पर रफ्तार पकड़ चुका है। बौद्ध परिपथ को आपस में जोडऩे से दुनिया भर के बौद्ध धर्मावलंबी भारत और नेपाल की तरफ खिंचेंगे। यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व विरासत स्थल लुम्बिनी में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को लेकर नेपाल के मंत्री लीला गिरी ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार ने बिना तैयारी लुम्बिनी में इंडस्ट्रीयल एरिया स्थापित कर दिया। हम सेफ प्लानिंग के साथ वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। प्रजातंत्र बहाली के बाद भारत से नेपाल के संबंध अब किस दौर में हैं? इस पर उनका कहना है कि नेपाल की भारत से नजदीकी दोस्ती है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दोनों की सोच अच्‍छी है। पर्यटन को लेकर खासकर, लुम्बिनी को फोकस करते हुए नेपाल की तरफ से ब्रांडिंग की कोशिश क्यों नहीं हुई? इस पर श्री गिरी ने तर्क दिया कि भारत को सात दशक लगे तरक्की करने में, हम तो छह साल पहले ही आजाद हुए हैं। (उनका इशारा नेपाल में प्रजातंत्र की तरफ था)। लुंबिनी में हमारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग तैयार है।

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