तूफ़ान ने ली कईयों की जान

दुनिया के लगभग सभी देश किसी न किसी समस्या से जूझ रहे हैं| कहीं आतंकवाद, कहीं गृह युद्ध तो कहीं प्रकृति का कहर लोगों के जीवन में परेशानी ला रहा है| पिछले कुछ दिनों में किसी न किसी कारण कई लोगों की मौत हुई है| भारत में जहां आतंकी घटनाओं के कारण एक साथ 40 जवान शहीद हो गए थे, उसके बाद भी आतंकी घटनाएं नहीं रुकी, इसके बाद न्यूजीलैंड और फिर नीदरलैंड में भी कई मौते हुई, वहीं सीरिया में गृह युद्ध छिड़े होने के कारण लोगों की परेशानी बड़ी हुई है| ऐसे ही अब एक देश में प्रकृति के कहर के कारण हजारों लोगों की जान चली गई|

अफ्रीकी देश इस समय खतरनाक चक्रवाती तूफान का सामना कर रहा है| दरअसल, दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक मध्य मोजाम्बिक (Mozambique) पर तूफान इडाई (Cyclone Idai) का कहर बरस रहा है| इस तूफ़ान में अभी तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी हैं| वहीं कई लोग घायल हो गए| अब इस बारे में संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी चेतावनी जारी की जा चुकी है| संयुक्त राष्ट्र ने कहा, “मार्च की शुरुआत में लगभग 168,000 हेक्टेयर (415,000 एकड़) फसलों को पहले ही बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है, जो खाद्य सुरक्षा और पोषण को कमजोर करेगी|”

जिम्बाब्वे  में भी मची तबाही

इस तूफ़ान का कहर केवल मोजाम्बिक (Mozambique) में ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिम्बाब्वे में भी दिख रहा है| वहां भी दर्जनों लोगों की मौत और कई लोग घायल हो गए हैं| तेज हवा और अचानक बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। बाढ़ का पानी अपने साथ हजारों घरों और सड़कों को बहा ले गया है| इससे कई लोह बेघर हो गए, कई अपनों को तलाश रहे हैं| सरकार द्वारा लोगों के लिए राहत कैम्पों का आयोजन किया गया है| वहीं लोगों को खतरनाक इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है| मोजाम्बिक (Mozambique), जिम्बाब्वे (Zimbabwe) और मलावी (Malawi) पर चक्रवाती तूफान इडाई (Cyclone Idai) कहर बनकर टूटा है| इसके बाद सड़क मार्ग में बाधा आई है|

भयानक आपदा : राष्ट्रपति

मोजाम्बिक के राष्ट्रपति फिलिप न्यूसी ने तूफ़ान के बारे में बताया, “अभी तक आधिकारिक रूप से 84 मौत की पुष्टि हुई है। लेकिन असल आंकड़ा तब सामने आएगा जब हवाई सर्वे किया जाएगा| वैसे अनुमान है कि 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है यह एक भयानक आपदा है| एक लाख से ज्यादा लोग खतरे में हैं| बाढ़ का पानी घरों की खिड़कियों तक पहुंच गया है, इससे हजारों लोग अपने घरों की छत पर फंसे हुए हैं|”

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