जेट एयरवेज के पायलटों को नहीं मिल पा रहा वेतन, मोदी सरकार से मदद मांगी

जेट एयरवेज के पायलटों को नहीं मिल पा रहा वेतन, मोदी सरकार से मदद मांगी

पैसों की कमी से जूझ रहे जेट एयरवेज के पायलटों के संघ ने मोदी सरकार को पत्र लिखकर अपने बकाया वेतन को ब्याज के साथ वसूलने में मदद मांगी है। जेट एयरवेज में मौजूदा समय में 1900 पायलट कार्यरत हैं। पायलटों को मासिक ईएमआई, बच्चों के स्कूल और कॉलेजों की फीस, मेडिकल बिल के साथ अन्य कई तरह का भुगतान करने में परेशानी आ रही है।

जेट के पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेशनल एविएटर्स गिल्ड ने श्रम एंव रोजगार मंत्री संतोष गंगवार को लिखे अपने पत्र में कहा कि वेतन के संबंध में जेट प्रबंधन से की गई हमारी अपील का कोई असर नहीं हुआ है। यह स्थिति हमारे सदस्यों में अत्यधिक त’नाव और ह’ताशा का कारण बन रही है।

केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को लिखे पत्र में मांग की गई है कि सदस्य पायलटों को वेतन का बकाया सभी भत्तों को मिलाकर ब्याज के साथ एरियर के रूप में भुगतान किया जाए। संगठन ने इस पत्र की एक कॉपी डीजीसीए के मुखिया बीएस भल्लर को भी भेजा है।

आर्थिक तंगी से गुजर रही जेट एयरवेज के पास इतनी भी पैसा नहीं बचा है। कि वो आगे एक विमान को उड़ा सके। हालांकि अब जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल को पद से हटना पड़ेगा। इसी शर्त पर एयरलाइन कंपनी में 24 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली एतिहाद एयरवेज निवेश करेगी।

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