कोरोना मामले 8.72 लाख के पार, रिकवरी दर 63 फीसदी

नयी दिल्ली  (एजेंसी): देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के मामले रविवार को को 8.72 लाख के आंकड़े को पार कर गये लेकिन राहत की बात यह है कि मरीजों के स्वस्थ होने की दर करीब 63 फीसदी पहुंच गयी है और अब तक करीब साढ़े पांच लाख लोग इस महामारी से निजात पा चुके हैं।

देश में आज मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर 62.97 फीसदी पहुंच गयी जबकि मृत्यु दर महज 2.64 प्रतिशत रही। शनिवार को संक्रमितों के ठीक होने की दर 62.83 फीसदी रही जबकि मृत्यु दर महज 2.68 प्रतिशत रही। पिछले एक सप्ताह में मरीजों के स्वस्थ होने की दर में करीब तीन फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है। देश में तीन मई को कोरोना रिकवरी दर 26.59 प्रतिशत थी जो 31 मई को बढ़कर 47.40 प्रतिशत हो गई और इसमें लगातार इजाफा हो रहा है।

‘कोविड19इंडियाडॉटओआरजी’ के आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 8,72,784 मामलों की आज रात तक पुष्टि हो चुकी है जबकि सुबह यह संख्या 8,49,533 थी। अब तक कुल 5,49,656 मरीज स्वस्थ हुए हैं जबकि 23,087 लोगों की इस महामारी से मौत हो चुकी है। अन्य 2,99,655 मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।

इन आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि सक्रिय मामलों की तुलना में स्वस्थ लोगों की संख्या ढाई लाख से अधिक हो चुकी है। इससे यह भी साफ है कि देश में अब तक कोरोना वायरस के जितने मरीज आये हैं, उनमें से आधे से अधिक पूरी तरह बीमारी से निजात पा चुके हैं। समय पर कोरोना के संदिग्ध मामलों की जांच और उनका सही तरीके से इलाज की अहम भूमिका रही।

इस बीच, कोरोना संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में फिर से संपूर्ण लॉकडाउन अथवा जनता कर्फ्यू लागू किया जा रहा है। पूरे उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई रात 10 बजे से 13 जुलाई सुबह पांच बजे तक 55 घंटों का संपूर्ण लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की गयी है। पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी को देखते हुए राजधानी कोलकाता समेत राज्य के 10 जिलों में लॉकडाउन लागू किया गया है।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार से नौ दिनों के जनता कर्फ्यू को लागू किया गया है। बिहार में 10 जुलाई से 16 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन लागू किया गया है। गुवाहाटी समेत असम के कुछ प्रमुख शहरों में लॉकडाउन की अवधि एक सप्ताह और बढ़ा दी गयी है। इस बीच कर्नाटक की येदियुरप्पा सरकार ने राजधानी बेंगलुरु में कोरोना वायरस के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए 14 जुलाई से एक सप्ताह का पूर्ण लॉकडाउन लागू करने की घाेषणा की है।

देश में संक्रमण से प्रभावित होने के मामले में दूसरे स्थान पर स्थित तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई समेत पांच जिलाें में 31 मई तक लॉकडाउन लागू है। इसके अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन लगाया जा रहा है। कोविड-19 से ​​प्रभावित लोगों को चिकित्सा निगरानी प्रदान करने के लिए देश में इस समय 1370 समर्पित कोविड अस्पताल (डीसीएच), 3,062 समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र (डीसीएचसी), और 10334 कोविड देखभाल केंद्र (सीसीसी) उपलब्ध हैं।

इन सुविधा केंद्रों का संचालन सफलतापूर्वक करने के लिए, केंद्र सरकार ने अब तक 122.36 लाख पीपीई किट, 223.33 लाख एन95 मास्क उपलब्ध कराए हैं, और विभिन्न राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों/केंद्रीय संस्थानों में 21685 वेंटिलेटर वितरित किए हैं। कोविड-19 की जांच को व्यापक बनाते हुए प्रत्येक दिन नमूनों की जांच में निरंतर वृद्धि हो रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान 280151 नमूनों की जांच की गई है। अब तक जांच किए गए नमूनों की कुल संख्या 11587153 है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, वर्तमान में भारत में प्रति दस लाख पर परीक्षण दर 8396.4 हो चुकी है। देश में इस समय सरकारी क्षेत्र की 850 प्रयोगशालाएं और निजी क्षेत्र की 344 प्रयोगशालाएं कुल 1194 प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं।

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