आत्मघाती बम विस्फोट के बाद इस देश ने नकाब पर लगाया प्रतिबंध

ट्यूनीशिया के प्रधानमंत्री ने देश में हुए हमलों के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकारी कार्यालयों में नकाब पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री यूसुफ चाहेद ने एक सरकारी परिपत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें “सरकारी प्रशासनिक कार्यालयों एवं सरकारी संस्थानों में किसी भी व्यक्ति के मुंह ढक कर आने पर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध” लगाने की बात की गई है।

ट्यूनिश में 27 जून को हुए दोहरे आत्मघाती बम विस्फोट के बाद कड़ी सुरक्षा के चलते नकाब पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस हमले में दो लोग मारे गए थे और सात घायल हो हुए थे। इन हमलों के बाद से देश में कड़ी सुरक्षा है। गवाहों का कहना है कि आत्मघाती हमलावरों में से एक ने नकाब पहना हुआ था। हालांकि सरकार ने इस बात से इनकार कर दिया है।

वहीं हमले के मास्टरमाइंड ने पकड़े जाने के डर से खुद को भी बम से उड़ा लिया। यहां लगातार तीन हमले हुए, जिनकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांट (आईएसआईएल और आईएसआईएस) ने ली है। इससे पहले धर्मनिरपेक्ष राष्ट्रपति जाइन एल अबिदिन बेन अली द्वारा नकाब पर लगाया गया प्रतिबंध 2011 में महिलाओं के लिए हटा दिया गया था। महिलाओं को हिजाब और नकाब पहनने की मंजूरी मिल गई थी।

जाइन एल अबिदिन बेन अली एक ऐसे नेता थे जिन्होंने सभी तरह की मुस्लिम पोषाक पर प्रतिबंध लगा दिया था। फरवरी 2014 में भी सरकार ने पुलिस को हिदायत के रूप में नकाब के उपयोग को रोकने के लिए “आतंकवाद विरोधी” उपायों के हिस्से के रूप में निगरानी करने का निर्देश दिया था। सुरक्षा कारणों को देखते हुए कई यूरोपीय, अफ्रीकी और एशियाई देश भी नकाब पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।

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