आईएसआईएस से छूटने के बाद शमीमा अपने डच पति के साथ हालैंड लौटने को तैयार

लॉस एंजेल्स, 03 मार्च (उदयपुर किरण). सीरिया में आईएसआईएस के चंगुल में गई बहुचर्चित महिला शमीमा बेगम के डच पति यागो रीडिक ने कहा है कि वह अपनी पत्नी को स्वीकार करने को तैयार है.

बांग्लादेश में पैदा हुई शमीमा सन 2015 में आईएसआईएस के कार्यों के प्रति झुकाव के कारण सीरिया चली गई थी. शमीमा ने वहीं पर यागो रीडिक से शादी की थी. उनके एक बेटा भी है. बीबीसी के अनुसार 27 वर्षीय रीडिक ने कहा है कि वह जैसे ही उत्तर पूर्व में कुर्दिश सुरक्षा बलों से आज़ाद होता है, शमीमा और बेटे के साथ हालैंड लौट आएगा. उधर, हालैंड की सरकार ने कहा है कि वह जैसे ही स्वदेश लौट कर आता है, उसे छह साल जेल की सज़ा काटनी पड़ेगी. रीडिक ने कहा है कि शुरू में आईएसआईएस ने उसको एक डच ख़ुफ़िया के रूप में ख़ूब यातनाएं दी थीं. इसके बाद वह आईएसआईएस में रम गया. अब उसकी आईएसआईएस में कोई रुचि नहीं है. वह अपने घर लौट जाना चाहता है. 19 वर्षीय शमीमा ने पहले इंग्लैंड आने की इच्छा ज़ाहिर की थी. उसके पति रीडिक ने जैसे ही आईएसआईएस का शिकंजा कमज़ोर हुआ, वह बाग़ज शहर से किसी तरह भागा और उत्तर पूर्व में कुर्दिश सुरक्षा बलों के सामने समर्पण कर दिया था.

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