जानिए पायलट के सामने क्या है राजनीतिक विकल्प?

कांग्रेस पार्टी इस राजनीतिक संग्राम को अगर बातचीत से सुलझाने में असफल रहती है तो सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ एक अलग मोर्चा बना सकते हैं. ऐसे स्थिति में उनके साथ करीब 30 विधायकों के समर्थन का दावा किया जा रहा है. हालांकि, तीसरा मोर्चा बनाने के लिए पहले उन्हें कांग्रेस पार्टी के एक तिहाई विधायकों को अपने साथ मिलना होगा. मौजूदा विधायकों की संख्या के आधार पर कम से कम 35 से 40 विधायकों का समर्थन पायलट को जुटाना होगा, जो काफी चुनौती भरा माना जा रहा है.


सचिन पायलट अपने मित्र ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह पर चलते हुए बीजेपी का दामन थामने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं. इसे लेकर राजनीतिक अटकलें भी जोरों पर हैं. बीजेपी में सचिन पायलट के शामिल होने के फैसले पर जितने विधायक उनके साथ आते हैं, तो उन्हें पार्टी और विधायकी से इस्तीफा देना होगा. इतना ही नहीं, पायलट के कई समर्थक विधायक मुस्लिम भी हैं जो बीजेपी में जाने के पक्ष में फिलहाल नहीं दिख रहे हैं. ऐसे में यह संख्या कम हो सकती है.

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