कर्नाटक : मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के दांव से विरोधी चौकन्ने

बेंग्लूरू : सियासी संकट के बीच कर्नाटक में अब एक नया मोड़ा आ गया है। विधायकों की बगावत और इस्तीफों से जूझ रहे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने का दांव खेल दिया है। स्पीकर ने भी कहा है कि एक दिन पहले भी नोटिस देंगे तो प्रस्ताव पेश किया जा सकता है इसलिए कयास लग रहे हैं कि मंगलवार को विश्वास प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। कुमारस्वामी के इस दांव से बीजेपी भी चौंक गई है लेकिन इन सबके बीच कांग्रेस और जेडीएस के बागी टस से मस होते नजर नहीं आ रहे हैं। अगर मुख्यमंत्री सोमवार को नोटिस देते हैं तो ये नोटिस सलाह समिति को भेजा जाएगा और समिति के फैसले के आधार पर मंगलवार या फिर बुधवार को विश्वास मत का प्रस्ताव लिया जा सकता है। कुमारस्वामी के इस बयान के बाद जेडीएस, कांग्रेस और बीजेपी तीनों पार्टियां चौकन्नी हो गई हैं। तीनों पार्टियों ने अपने विधायकों को फाइव स्टार होटल और रिजॉर्ट में भेज दिया है। हालांकि बीजेपी दावा कर रही है कि कुमारस्वामी सरकार को हर हाल में गिरना है। 224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिये 113 विधायकों का समर्थन होना चाहिए। बीजेपी के पास दो निर्दलीय विधायकों को मिलाकर 107 विधायक हैं। अगर बागी 16 विधायकों के इस्तीफे मंज़ूर हो जाते हैं तो कांग्रेस और जेडीएस के पास 100 विधायक ही रह जाएंगे। सियासी ड्रामे के बीच शुक्रवार से कर्नाटक विधानसभा का मॉनसून सेशन शुरू हुआ है। कांग्रेस और जेडीएस ने अपने-अपने विधायकों को विधानसभा में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी कर रखा है। अब कुमारस्वामी के ट्रस्ट वोट साबित करने के ऐलान के बाद बागी विधायकों को व्हिप का पालन करना पड़ेगा। अगर बागी विधायकों ने व्हिप का पालन नहीं किया तो उन पर डिसक्वालिफिकेशन की तलवार लटक जाएगी। कांग्रेस और जेडीएस के रणनीतिकार मानकर चल रहे हैं कि अगर 16 बागी विधायकों में से कुछ लौट आते हैं तो सरकार बच जाएगी। दरअसल इस दांव के पीछे कांग्रेस-जेडीएस सरकार की मजबूरी थी और ये मजबूरी थी सुप्रीम कोर्ट का शुक्रवार को दिया गया फैसला। सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों की अर्जी पर फैसला दिया और कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर को कोई भी फैसला लेने से रोक दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 16 जुलाई तक यथास्थिति बनाई रखी जाय। कोर्ट ने स्पीकर को विधायकों की अयोग्यता पर फैसला लेने से भी रोक दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बीजेपी अपने पक्ष में बता रही है। इसी बीच, कर्नाटक की उठापटक को लेकर राहुल गांधी ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला और सारे बवाल के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया। राहुल भले ही बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हों लेकिन सच तो ये है कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनके बागी विधायक टस से मस होने को तैयार नहीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *