शरीर के साथ मस्तिष्क के लिए बेहद लाभकारी है शलभासन

जीवनशैली : योग स्वस्थ रहने का एक आसान और बेहद कारगर तरीका है। आमतौर पर लोग स्वस्थ रहने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर आप प्रतिदिन योगाभ्यास करते हैं तो इससे आपको स्वस्थ रहने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आज हम आपको शलभासन से होने वाले कुछ बेमिसाल फायदों और इसे करने के तरीके के बारे में बताएंगे। कुछ समय पहले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपने टि्वटर अकांउट से शलभासन करने के तरीके और उसके लाभों के बारे में जानकारी दी थी। शलभासन एक ऐसा आसन है, जिसमें व्यक्ति के शरीर का आकार टिड्डे के समान हो जाता है। इसे करने के लिए सबसे पहले आप पेट के बल लेट जाएं और अपने पैरों को एक−दूसरे से दूर रखें। अब अपने माथे को अपनी हथेलियों के ऊपर रख दें और अपने शरीर को आराम दें। इसके बाद अपने पैरों को आपस में मिला लें और अपने हाथों को अपने शरीर के समीप इस तरह रखें कि आपके हाथ की हथेलिया आसमान की तरफ हों और ठोड़ी जमीन पर हो। इसके बाद एक गहरी सांस लेते हुए अपने पैरों को जमीन से ऊपर उठाएं।

पैर उठाते समय आपके घुटने एकदम सीधे होने चाहिए। इसलिए आप अपने पैरों को उतना ही ऊपर उठाएं, जितना आप अपने घुटनों को बिना मोड़े उठा सकें। अब आप इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लें और छोड़े और कम से कम 10 से 20 सेकेंड आराम से रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए अपने पैरों को वापिस जमीन पर लाएं और मकरासन की मुद्रा में आने के बाद शरीर को आराम दें। वैसे तो यह आसन हर किसी के लाभकारी है, लेकिन अगर आप हर्निया, पेप्टिक अल्सर, हृदय रोगी या गभर्वती है तो इस आसन को करने से बचें। पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने पर भी यह आसन न करें। अगर आप यह आसन करना चाहते हैं तो किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें। शलभासन करने से व्यक्ति को कई तरह के लाभ होते हैं। जिन लोगों को सायटिका व पीठ के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत होती है, उन्हें इस आसान से लाभ मिलता है। इसके अतिरिक्त यह आसन कूल्हों व जांघों की चर्बी को कम करने में मददगार है। इससे आपका वजन तो कम होता है ही, साथ ही इससे पाचन क्रिया भी बेहतर होती है। शलभासन शरीर के साथ मस्तिष्क के लिए भी अच्छा माना जाता है।

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