पाना चाहते है मनचाहा वरदान तो इन 5 चीजों से करें भगवान शिव का पूजन

हर साल फाल्गुन मास की चतुदर्शी को मनाए जाने वाले महाशिवरात्री के त्योहार की हिंदू धर्म में विशेष मान्यता है। कहा जाता है कि इस दिन भागवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन भोलानाथ और मां पार्वती की पूजा विशेष महत्व होता है। भगवान शिव को यूं तो भोलेनाथ कहा जाता है, क्योंकि बड़ी आसानी से किसी को भी वरदान दे देते हैं। इसके बावजूद इनकी पूजा में इन 5 चीजों का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं इनके बारे में

बेल पत्र : बेल पत्र का महादेव की पूजा में बहुत महत्व है। भोलेनाथ को बेल पत्र चढ़ाना और 1 करोड़ कन्याओं के कन्यादान का फल एक समान है। तीन जन्मों के पापों के संहार के लिए त्रिनेत्ररूपी भगवान शिव को तीन पत्तियोंयुक्त बिल्व पत्र, जो सत्व-रज-तम का प्रतीक है।

भांग : भगवान श‌िव ने हलाहल व‌िष का पान क‌िया है इस व‌िष के उपचार के ल‌िए कई तरह की जड़ी बूट‌ियों का प्रयोग देवताओं ने क‌िया इनमें भांग भी एक है। इसल‌िए भगवान श‌िव को भंग बेहद प्रिय है।

धतूरा : भांग की तरह धतूरा भी एक जड़ी बूटी है। भगवान श‌िव के स‌िर पर चढ़े व‌िष के प्रभाव को दूर करने के ल‌िए धतूरा का प्रयोग भी क‌िया गया था इसल‌िए श‌िव जी को धतूरा भी प्रिय है। महाश‌िवरात्रि पर भगवान शिव को धतूरा अर्प‌ित करने से शत्रुओं का भय दूर होता है साथ ही धन संबंधी मामलों में उन्नत‌ि होती है।

गंगाजल : गंगा भगवान व‌िष्‍णु के चरणों से न‌िकली और भगवान श‌िव की जटा से धरती पर उतरी है इसल‌िए सभी नद‌ियों में गंगा परम पव‌ित्र है। गंगा जल से भगवान श‌िव का अभ‌िषेक करने से मानस‌िक शांत‌ि और सुख की प्राप्त‌ि होती है।

गन्ने का रस : गन्ना जीवन में म‌िठास और सुख का प्रतीक माना जाता है। गन्ने के रस से श‌िवल‌िंग का अभ‌िषेक करने से धन-धान्य की प्राप्त‌ि होती है। शास्‍त्रों से इसे बहुत ही पव‌ित्र माना गया है।

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