जानिए क्यों नंदी के कान में अपने मन की बात कहते हैं भक्त

कल 4 मार्च को महाशिवरात्रि है। इस मौके पर हम आपको भगवान शिव और उनके वाहन नंदी से जुड़ी खास बात बता रहे हैं। हम अक्सर देखते हैं कि भक्त जब शिव मंदिर में दर्शन करने जाते हैं तो नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहते हैं। ये एक परंपरा है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, जहां भी शिव मंदिर होता है, वहां नंदी की स्थापना भी जरूर की जाती है क्योंकि नंदी भगवान शिव के परम भक्त हैं। जब भी कोई व्यक्ति शिव मंदिर में आता है तो वह नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहता है।

इसके पीछे मान्यता है कि भगवान शिव तपस्वी हैं और वे हमेशा समाधि में रहते हैं। ऐसे में उन तक हमारे मन की बात नहीं पहुंच पाती। इस स्थिति में नंदी ही हमारी मनोकामना शिवजी तक पहुंचाते हैं। इसी मान्यता के चलते लोग नंदी को लोग अपनी मनोकामना कहते हैं।

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