कबाड़ से जुगाड़ कर बनाई सेंसर वाली मोदी टार्च

भागलपुर : जिले के कहलगांव प्रखंड के कुर्मा गांव के कालो पासवान के 21 वर्षीय पुत्र रामानंद पासवान के अंदर बाल वैज्ञानिक के कई विलक्षण गुण मौजूद हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद वे लगातार कबाड़ से जुगाड़ कर नए-नए प्रोजेक्ट बना रहे हैं। उनके अंदर अपने देश के लिए बेहतर करने की इच्छा और जज्बा है। उनके माता-पिता अत्यंत गरीब मजदूर हैं। जिनका जीविकोपार्जन मजदूरी करके चलता है।

पिता ने बताया कि रामानंद बचपन से ही कुछ नया करने का जज्बा लिए लगातार मेहनत कर रहा है। गरीबी की वजह से वे उन्हें अष्टम कक्षा से आगे की पढ़ाई नहीं करा पाए। उनके माता-पिता को उनके प्रोजेक्ट के बारे में कुछ भी पता नहीं है।

बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि घर के सभी कार्यों को छोड़कर वह दिन रात अपने प्रोजेक्ट के लिए ही मेहनत करता है l वह गांव में रहकर मोबाइल रिपेयरिंग का कार्य करता है और साथ ही साथ अपने वैज्ञानिक सोच के साथ कबाड़ से जुगाड़ कर कई प्रोजेक्ट तैयार किया है। रामानंद ने सेंसर टॉर्च का आविष्कार किया है, जो आवाज देने पर या ताली बजाने पर जल जाता है। उन्होंने इस टॉर्च को मोदी टॉर्च का नाम दिया है और वे इसका भारतीय सेना में उपयोग करवाना चाहते हैं, जो दुश्मनों के आहट से जल जाए एवं किसी भी प्रकार के दुस्साहस करने वाले आतंकवादी को पकड़ा जा सके। इसी प्रकार एक पुराना और खराब मोबाइल फोन से कनेक्ट कर एक बड़ा बोर्ड बनाया है। जिसमें कई सारे बिजली के स्विच हैं अलग-अलग बिजली के स्विच मोबाइल के अलग-अलग फंक्शन का कार्य करता है। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वे देश के लिए कुछ नया करने की कोशिश कर रहा हैं, जिसमें उन्हें सरकार से मदद की दरकार है। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है, ताकि वे बेहतर संसाधन जुटाते हुए बड़ा प्रोजेक्ट बना सके।

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