झाड़ू से जीरा बनाने के आरोपी ने अब किया मीठी सौंफ पर खुलासा, खाने से हो जाएगी नफरत

यदि आप खाना खाने के बाद माउथ फ्रेशनर के रूप में मीठी सौंफ खाना पसंद करते हैं तो सचेत हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि आप माउथ फ्रेशनर की जगह डिस्टेंपर से तैयार सौंफ खा रहे हों। जी हां! बवाना इलाके में फूल झाड़ू के चूरे से नकली जीरा बनाने वाले गैंग के सरगना हरिनंदन ने इसका खुलासा किया है। आगे जानिए आरोपी ने और कौन से खुलासे किए हैं…

आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह नकली जीरा बनाने से पूर्व नकली सौंफ भी तैयार करता था। बाजार से सौंफ खरीदकर उसे एक प्रक्रिया से गुजारकर डिस्टेंपर में मिलाया जाता था। इसके बाद उससे नकली सौंफ माउथ फ्रेशनर तैयार हो जाता था। पुलिस मुख्य आरोपी हरिनंदन को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

हरिनंदन ने बताया कि नकली जीरा बनाने से पूर्व वह शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद में नकली सौंफ बनाने का काम करता था। नकली सौंफ बनाने में मुनाफा कम होने के कारण वह दूसरे मुख्य आरोपी लालू के साथ मिलकर नकली जीरा बनाने का काम शुरू कर दिया। अपने धंधे में काम के लिए इन लोगों ने जलालाबाद के ही रहने वाले चार अन्य आरोपी कामरान उर्फ कम्मू, गंगा प्रसाद, हरीश और पवन को साथ मिला लिया था।

चारों को ये 10 फीसदी मुनाफा देते थे। लालू दूसरे राज्यों में जाकर नकली जीरे की सेल करता था। पुलिस ने मंगलवार को पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से हरिनंदन को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। बाकी चारों आरोपी कामरान, गंगा प्रसाद, हरीश और पवन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस हरिनंदन से पूछताछ कर लालू का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

मकान मालिक के खिलाफ होगी कार्रवाई
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस मकान में यह गोरखधंधा चल रहा था, उसके मालिक सुरेश कुमार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। पुलिस आरोपी मकान मालिक के खिलाफ अपने किरायदारों का पुलिस वेरिफिकेशन न कराने पर सरकारी आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *